नवग्रह


मंगल का पृथ्वी को सौंपा जाना
आधुनिक विज्ञान जिन खगोलीय पिंडों को ग्रह कहता है उनका उल्लेख प्राचीन भारतीय ग्रंथों में बहुत पहले से रहा है। उनके स्वरूप तथा लक्षण पर भी व्यापक प्रकाश इनमें डाला गया है। ऐसा ही एक ग्रह है पृथ्वी का पड़ोसी - मंगल ग्रह । भारतीय परंपरा में मंगल को उसके स्वरूप, लक्षण व प्रभाव के आधार पर ग्रहों का सेनापति कहा गया है। रक्तवर्णी मंगल मनुष्य को साहस प्रदान करने वाला माना गया है। इनका वाहन भेड़ है। पौराणिक रूप से मंगल की उत्पत्ति शिव के तेज से मानी जाती है। भविष्यपुराण में शिव के रक्तबिंदु से और स्कंदपुराण में स्वेदबिंदु से इनकी उत्पत्ति मानी गई है।
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